लघु कथा: लॉकडाउन



टीवी पर वो न्यूज देख रहा था। 21 दिन के लॉकडाउन ने उस पर ख़ासा असर नहीं किया। आँखों में कोई अचंभा  नहीं। दिल की धड़कनों में कोई बदलाव नहीं। दूर दूर तक कोई हड़बड़ी भी नहीं। बस, वो हल्का सा हिला, सोफ़े पर खुद को एडजस्ट करने के लिए...
देश के उस हिस्से में रह रहे लोगों के लिए लॉकडाउन एक आदत बन चुकी थी।
-मुस्तजाब किरमानी



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