इस्लामाबाद में निर्णायक घड़ी: ईरान-अमेरिका बातचीत के बीच बदलता दुनिया का समीकरण
यह लेख इस्लामाबाद में हो रही ईरान-अमेरिका वार्ता के बहाने बदलते वैश्विक और मध्य-पूर्वी समीकरणों की गहराई को समझने की कोशिश है। इसमें कूटनीति, युद्ध, सत्ता, और विचारधाराओं के टकराव को विश्लेषित किया गया है। साथ ही यह सवाल उठाता है कि क्या दुनिया एक नए मोड़ पर खड़ी है, जहां बातचीत युद्ध पर भारी पड़ सकती है- या फिर इतिहास खुद को दोहराने वाला है। Islamabad at a Turning Point: Iran–US Talks Reshape the Power Balance इस्लामाबाद में मंच सज चुका है। ईरानी और अमेरिका के डेलीगेशन अपने-अपने देशों से रवाना हो चुके हैं। ईरानी डेलीगेशन आज रात इस्लामाबाद में पहुंच जाएगा। इस्लामाबाद वीरान है। दो दिन की छुट्टी घोषित की गई है। ईरानी डेलीगेशन को सात स्तरीय सुरक्षा दी गई है। अमेरिकी डेलीगेशन अलग कमरे में एडवांस कैमरों के ज़रिए ईरानी डेलीगेशन को सुनेगी। अपनी बात कहेगी। दोनों तरफ से ढेरों अनुवादक साथ हैं, ताकि बातचीत की कोई लाइन बिना समझे न रह जाए। इसी बीच यह घटनाक्रम भी हुआ है कि लेबनान और इज़राइल अब सीधे बात कर रहे हैं। लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने नेतन्याहू से फोन पर बात की। उसके बाद ने...