इस्लामाबाद की दहलीज़ पर टकराव: संकेत, सियासत और साया-ए-जंग
Iran US Islamabad Talks: what's going on and developments ईरान-अमेरिका वार्ता से पहले बढ़ता तनाव, कूटनीतिक संकेतों की जंग और वैश्विक राजनीति की उलझनें इस बात की ओर इशारा कर रही हैं कि इस्लामाबाद की बातचीत सिर्फ बातचीत नहीं, बल्कि एक बड़े भू-राजनीतिक मोड़ का संकेत हो सकती है। मुझे नहीं मालूम कि कल 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में क्या होने वाला है। मैं नई दिल्ली में बैठकर कोई अटकल नहीं लगाना चाहता। लेकिन हम कुछ तथ्य सामने रखकर संकेत समझ सकते हैं। हाई क्लास कूटनीति में इशारे ही काफी होते हैं। आइए, इस्लामाबाद में बातचीत शुरू होने से पहले इन संकेतों को समझते हैं। पहली बात तो साफ है कि ईरान और अमेरिका के बीच प्रस्तावित वार्ता से पहले कूटनीतिक और सैन्य तनाव तेजी से बढ़ता दिख रहा है। ईरानी संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf (एम.बी. ग़ालिबाफ़ ) ने साफ संकेत दिया है कि बातचीत शुरू होने से पहले दो अहम शर्तों को पूरा किया जाना जरूरी है। ग़ालिबाफ़ के मुताबिक, लेबनान में तत्काल युद्धविराम और ईरान की ब्लॉक की गई संपत्तियों की रिहाई, ये दोनों कदम बातचीत से पहले लागू होने चाहिए। उन्होंने कहा कि ...